"भारत सरकार को आक्रामक नीति को अपनाते हुए अब pok काश्मीर को मुक्त कराना होगा-आचार्य मदन
 

नई दिल्ली | "भारत सरकार को आक्रामक नीति को अपनाते हुए अब pok काश्मीर को मुक्त कराना होगा, अनुच्छेद 370 को संशोधित करने से काश्मीर समस्या का समाधान का मार्ग प्रशस्त हुआ, इस अवसर को उपयोग कर सम्पूर्ण काश्मीर को भारत में मिलाने के लिए निःसंकोच सैन्य बल का प्रयोग करना चाहिए |" विश्व हिन्दू पीठ के अध्यक्ष आचार्य मदन ने केंद्र सरकार से मांग करते हुए कहा | 

आगे उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने 12 दिन पूर्व अमरनाथ यात्रा रुकवा कर हिन्दूओं की धार्मिक भावना के साथ न्याय नहीं किया किन्तु आगामी ईद के लिए राज्य से बाहर रह रहे मुस्लिम कश्मीरी छात्रों को एक लाख रुपये ईद में खर्च करने के सरकारी अनुदान से हिन्दू जनमानस स्वयं को ठगा महसूस कर रहा है | यदि काश्मीर में हालत सामान्य है तो अमरनाथ पुनः प्रारम्भ कर देनी चाहिए थी |

मोदी सरकार को यह नही भूलना चाहिए कि कांग्रेस के शासनकाल में सिक्किम, गोवा व हैदराबाद, पांडिचेरी जैसे राज्यों को विदेशी शासन से मुक्त कराने का श्रेय है, वैसे ही वर्तमान काश्मीर से तीन गुना क्षेत्रफल वाले पाक व चीन अधिकृत काश्मीर को मुक्त कर पूर्ण रूप से भारतीय सीमा में मिलाए बैगर भाजपा भारतीय जनमानस में राष्ट्रीय नायक की छवि बना पाएगी | 

 


 



  1. पाक अधिकृत कश्मीर के हालात : पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर का कुल क्षेत्रफल करीब 13 हजार वर्ग किलोमीटर (भारतीय कश्मीर से 3 गुना बड़ा) है, जहां करीब 30 लाख लोग रहते हैं। पीओके की सीमा पश्चिम में पाकिस्तान के पंजाब और खैबर पख्तूनवाला से, उत्तर-पश्चिम में अफगानिस्तान के वखन कॉरिडोर, उत्तर में चीन के जिंगजियांग ऑटोनॉमस रीजन और पूर्व में जम्मू-कश्मीर और चीन से मिलती है। पीओके को प्रशासनिक तौर पर 2 हिस्सों- आजाद कश्मीर और गिलगिट-बाल्टिस्तान में बांटा गया है।

  2. अक्साई चिन : पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में अक्साई चिन शामिल नहीं है। यह इलाका महाराजा हरिसिंह के समय में कश्मीर का हिस्सा था। 1962 में भारत और चीन के बीच युद्ध के बाद कश्मीर के उत्तर-पूर्व में चीन से सटे इलाके अक्साई चिन पर चीन का कब्जा है। पाकिस्तान ने चीन के इस कब्जे को मान्यता दी है। जम्मू-कश्मीर और अक्साई चिन को अलग करने वाली रेखा को लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (एलएसी) यानी वास्तविक नियंत्रण रेखा कहा जाता है। यह उपर जो नक्क्षा दिया गया है वह अनु‍मानित है अधिकृत नहीं।