Posts

Showing posts from November, 2019

गोडसेवादी साध्वी प्रज्ञा पर दबाव डालकर गांधीवादी बनाया जा रहा है -आचार्य मदन

Image
  नई दिल्ली | 30 नवम्बर | "देश में गोडसे को देशभक्त मानने वालों की संख्या बढती जा रही है, गांधी हत्याकांड केस पर पुनः एक विशेष जांच समिति का गठन होना चाहिए, भले ही संसद में गोडसे के नाम लेने पर हंगामा उठ खड़ा होता हो, किन्तु हिन्दू जनता अब गोडसे को समर्थन कर रही है और भाजपा नेतृत्व गोडसेवादी और प्रखर हिन्दू राष्ट्रवादी साध्वी प्रज्ञा पर दबाव डालकर गांधीवादी बना रही है, यह विचारों की अभिव्यक्ति का दमन है"-यह वक्तव्य विश्व हिन्दू पीठ के अध्यक्ष आचार्य मदन ने दिया |                आचार्य मदन ने कहा कि संसद में गोडसे पर चर्चा तक नहीं होती है ! यह नेहरु राज के समय की तानाशाही आज तक चल रही है | पं नाथूराम गोडसे ने गाँधी वध किया उसके बाद वे भागे नहीं अपितु शान्ति से अपनी गिरफ्तारी दी | आखिर सारे देश को जानने का हक़ है कि कौन से ऐसे कारण बन गए थे जिनके कारण गोडसे को पत्रकारिता त्याग कर हिंसा का मार्ग अपनाना पड़ा | अदालत में गोडसे ने वो सभी कारण गिनाए जिसके कारण मोहन दास गांधी की हत्या करने के लिए वो विवश हुए | गांधी देश सेवा करते-करते देश का विभाजन कर गए, यह बात किसी भी स्वतंत्रता

जब युधिष्ठिर स्वर्ग पहुचे तो ये देख कर हैरान रह गए...

Image
        महर्षि वेद व्यास जी ने  महा भारत के अन्त में स्वर्गारोहण अध्याय में युधिष्ठिर द्वारा इन्द्रप्रस्थ हस्तिनापुर राज्य के त्याग के पश्चात् हिमालय गमन का उल्लेख किया है |  जब युधिष्ठिर पैदल ही अपने चारों एक भाईयों और द्रोपदी को लेकर बद्रीनाथ से आगे अलका पूरी हिमालय में बढ़ने लगे, तब उन हिम श्रृंखला में द्रोपदी सहित एक-एक करके चारों भाई भूमि पर गिरकर मृत्यु को प्राप्त हुए |       केवल एक कुत्ता जीवित रहा जो पांडवों के नगर से निकलते ही उनके साथ-साथ चल रहा था | यात्रा के अंतिम पड़ाव में युधिष्ठिर के साथ स्वामी भक्त वह कुत्ता ही रहा | दुर्गम पर्वतों को पार करके वे हिमालय के सप्त रोहिणी शिखर पर जा पहुंचे |  फिर युधिष्ठिर स्वर्गारोहण का संकल्प किया तो स्वयं इन्द्र प्रकट हुए | फिर  एक तार्किक व रोचक वार्तालाप के उपरांत इंद्र ने युधिष्ठिर और उस कुत्ते को अपने रथ में बैठाया और स्वर्ग में प्रवेश कर गए  |          इंद्र के विशेष तेज से युक्त धर्मराज युधिष्ठिर सशरीर ही स्वर्ग में पहुंचे | वहां देवताओं ने उनका स्वागत सत्कार किया |  युधिष्ठिर ने देखा कि वहां दुष्ट दुर्योधन एक दिव्य सिंहासन पर बैठ

अयोध्या तो क्या भारत के किसी भी तीर्थ में बाबर या बाबरी के नाम से मस्जिद नहीं होनी चाहिए- शंकराचार्य अमृतानन्द देव तीर्थ

Image
सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक निर्णय में मुसलामानों को पांच एकड़ भूमि अयोध्या में ही दिए जाने को लेकर संतों व हिन्दू धर्माचार्यो में आक्रोश है | शारदा सर्वज्ञ पीठ, काश्मीर के शंकराचार्य जगद्गुरु स्वामी अमृतानंद देव तीर्थ ने कहा, "उच्चतम न्यायालय में रामजन्म स्थान पर कभी भी मस्जिद होने के प्रमाण नहीं मिले तो ऐसे में न्याय पीठ द्वारा विशेष अधिकारों का प्रयोग करते हुए पांच एकड़ भूमि बाबरी मस्जिद के लिए देना एक ऐतिहासिक भूल साबित होगी | बाबर एक विदेशी लूटेरा था, उसने अपने भारत आक्रमण काल में हिन्दुओं के तीर्थों को लूटा, इसलिए उसके नाम से अयोध्या में मस्जिद बने यह भविष्य में घातक परिणाम लेकर आएगा | हम अयोध्या को मक्का नहीं बनने देंगे "        जगद्गुरु अमृतानन्द जी ने आगे कहा कि आल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने सुप्रीम कोर्ट के निर्णय को रिव्यु करने की याचिका डालने का निर्णय किया है वह देश के मुसलमानों में भ्रम पैदा करने का षड्यंत्र हैं, इससे जेहादी मुस्लमान भड़केगा | निश्चित रूप से सुप्रीम कोर्ट को अपने लगभग एक हजार पेज के निर्णय के महत्वपूर्ण बिन्दुओं को सार रूप में स्पष्ट करना च